§ 01

कोहनी के अंदर का दर्द समझें

मीडियल एपिकॉन्डिलैल्जिया कोहनी के अंदर फ्लेक्सर-प्रोनेटर के साझा जुड़ाव के आसपास भार-संबंधी दर्द का नाम है। कसकर पकड़ने, औज़ार घुमाने या बार-बार कलाई मोड़ने पर यह दर्द लौट सकता है। हाल में ज़ोर, दोहराव या फेंकने की मात्रा बढ़ी हो तो यह महत्वपूर्ण जानकारी है। दर्द कितना तीखा है, इससे टेंडन की क्षति की मात्रा नहीं पता चलती।

टेंडन और मांसपेशी, दोनों दबाने पर संवेदनशील हो सकते हैं। दर्द वाली अग्रबाहु दबाने से परिचित लक्षण लौट सकते हैं, पर इससे अलग ट्रिगर-पॉइंट विकार सिद्ध नहीं होता। गर्दन या कंधे से फैलते लक्षण, उँगलियों में झुनझुनी, हाथ की घटती ताक़त या फेंकते समय दर्द हो तो जाँच टेंडन से आगे बढ़ती है।

उपयोगी जाँच परिचित दर्द को किसी काम से जोड़ती है और दूसरे संभावित कारण भी परखती है।

जाँच में शुरुआत का समय, चोट, काम या खेल की माँग, दर्द का फैलाव और क्षमता में बदलाव समझे जाते हैं। अपनी ताक़त से कोहनी-कलाई हिलाना, पकड़, प्रतिरोध के विरुद्ध कलाई मोड़ना और हथेली घुमाना तथा हल्के स्पर्श की तुलना की जाती है। नस के लक्षण हों तो संवेदना और ताक़त जाँची जाती है। फेंकने के इतिहास में प्रशिक्षित व्यक्ति द्वारा लिगामेंट का टेस्ट आवश्यक हो सकता है। चोट की आशंका या बनी हुई अनिश्चितता उपचार बदल सकती हो, तभी उपयुक्त इमेजिंग चुनी जाती है।

संभावित कारणों की जाँच

मिलते-जुलते संकेत, आगे के अलग कदम

फ्लेक्सर-प्रोनेटर पर भार का पैटर्नव्यापक जाँच की ओर ले जाने वाले संकेत

दर्द और उसे उभारने वाली गतिविधि

पकड़ने, प्रतिरोध के विरुद्ध कलाई मोड़ने या हथेली नीचे घुमाने पर अंदर का परिचित दर्द टेंडन से जुड़ा हो सकता है।
मांसपेशी की संवेदनशीलता साथ मिल सकती है। झुनझुनी, पीछे दर्द या फेंकने में अस्थिरता के लिए स्थानीय टेंडन टेस्ट से आगे जाँच चाहिए।

दबाकर जाँचने से क्या पता चलता है

जुड़ाव पर दर्द से लक्षण की जगह समझ आती है; टेंडन की क्षति नहीं मापी जाती।
मांसपेशी दबाने से दर्द लौटना कारण बने ट्रिगर पॉइंट को सिद्ध नहीं करता, न टेंडन, नस या लिगामेंट की चोट खारिज करता है।

शुरुआती दिशा

दर्द बढ़ाने वाला भार समायोजित करें और कलाई, अग्रबाहु तथा पकड़ की सहनीय क्षमता लौटाएँ।
उपचार चुनने से पहले प्रासंगिक नस, लिगामेंट, जोड़, गर्दन या कंधे के संकेत जाँचें।

कब योजना फिर देखें

क्षमता न सुधरे तो काम के भार, व्यायाम की सहनशीलता और अगले दिन की प्रतिक्रिया की समीक्षा करें।
नई कमज़ोरी, सुन्नपन, अचानक चटकना या अस्थिरता में दोबारा जाँच चाहिए; नियमित रिलीज़ या नर्व ग्लाइड नहीं।
§ 02

मांसपेशियाँ और पास की संरचनाएँ

फ्लेक्सर-प्रोनेटर का साझा जुड़ाव अल्नार कोलैटरल लिगामेंट और अल्नार नर्व के पास है। पकड़ने और फेंकने में इनकी भूमिकाएँ साथ आती हैं, इसलिए दर्द वाली एक गति अक्सर किसी एक संरचना को अलग नहीं करती।

प्रमुख मांसपेशियाँ
प्रोनेटर टेरेस
कोहनी के अंदर दर्द के साथ अग्रबाहु के ऊपरी सामने वाले हिस्से में दर्द हो सकता है; केवल उसके फैलाव से ट्रिगर पॉइंट नहीं पहचाना जा सकता।

यह अग्रबाहु को घुमाकर हथेली नीचे करता है और फ्लेक्सर-प्रोनेटर के साझा जुड़ाव में हिस्सा लेता है। प्रतिरोध के विरुद्ध यह गति करने से केवल इसी मांसपेशी पर भार नहीं पड़ता। स्थानीय संवेदनशीलता की तुलना कलाई मोड़ने के दर्द, पकड़ की सहनशीलता और संवेदना की जाँच से करें। अकेला अग्रबाहु दर्द मीडियन नर्व दबने का प्रमाण नहीं है।

फ्लेक्सर कार्पाई रेडियलिस
कलाई या अग्रबाहु में लक्षण हों तो कोहनी के साथ उस स्थानीय जगह की भी जाँच चाहिए।

कोहनी के अंदर साझा जुड़ाव से शुरू होकर यह कलाई को मोड़ता और अंगूठे की तरफ़ झुकाता है। कलाई मोड़ने का दर्द कॉमन फ्लेक्सर टेंडिनोपैथी से मेल खा सकता है। फिर भी प्रतिरोध का टेस्ट या टेंडन दबाने पर दर्द इस मांसपेशी को अलग नहीं पहचानता और टेंडन की क्षति नहीं मापता।

फ्लेक्सर कार्पाई अल्नारिस
कलाई के छोटी उँगली वाले किनारे में दर्द और अनामिका या छोटी उँगली की झुनझुनी की जाँच अलग होती है।

यह कलाई को मोड़ता और छोटी उँगली की ओर झुकाता है। अल्नार नर्व इसके ऊपर के दो हिस्सों के बीच से निकलती है; दर्द के साथ झुनझुनी या हाथ की कमज़ोरी हो तो यह संबंध महत्वपूर्ण है। मांसपेशी दबाने पर दर्द से नस दबना सिद्ध नहीं होता और नर्व ग्लाइड करना उचित नहीं हो जाता।

पाल्मारिस लॉन्गस
हथेली का दर्द पाल्मारिस लॉन्गस से रेफ़र्ड पेन का विशिष्ट संकेत नहीं है।

कलाई मोड़ने वाली यह सतही मांसपेशी कुछ लोगों में नहीं होती और इसकी बनावट में अंतर मिलता है। इसका होना, न होना या दबाने पर दर्द मीडियल एपिकॉन्डिलैल्जिया का निदान नहीं करता। एक संवेदनशील पतली संरचना को कारण मानने के बजाय पूरे फ्लेक्सर-प्रोनेटर समूह के काम की जाँच करें।

सबस्कैपुलैरिस
कंधे से बाँह तक परेशानी हो तो कंधे और गर्दन की जाँच करें। कोहनी में रेफ़र्ड पेन का कोई आकार अपने-आप निदान नहीं देता।

यह कंधे को अंदर घुमाता है। कंधे के दर्द, सीमित घुमाव या फेंकने में कठिनाई का इतिहास हो तो कंधे की गति और ताक़त जाँची जाती है। लगातार कोहनी दर्द इस गहरी मांसपेशी को छिपा कारण सिद्ध नहीं करता और उसे रिलीज़ करना आवश्यक नहीं बनाता।

ट्राइसेप्स ब्राकाई का मीडियल हिस्सा
कोहनी के पीछे और अंदर के लक्षण एक साथ मिल सकते हैं; इससे किसी एक मांसपेशी का स्रोत तय नहीं होता।

ट्राइसेप्स कोहनी सीधी करता है। पीछे दर्द, सीधा करने में कमज़ोरी या चटककर खिसकने की अनुभूति हो तो कोहनी के पीछे और अल्नार नर्व की जाँच चाहिए। दबाकर जाँचने से मीडियल हिस्से का कोई विशिष्ट रेफ़र्ड पेन सिद्ध नहीं होता और फ्लेक्सर-प्रोनेटर की चोट खारिज नहीं होती।

जाँच में किन बातों का फ़र्क़ समझें
फ्लेक्सर-प्रोनेटर पर भार

पकड़, कलाई मोड़ने या हथेली नीचे घुमाने पर अंदर का परिचित दर्द टेंडन की भूमिका सुझा सकता है। इससे उसके क्षय की मात्रा नहीं मापी जाती।

क्षेत्रीय मांसपेशी दर्द

उसी भार की समस्या के साथ मांसपेशी दबाने पर दर्द भी हो सकता है। इससे अलग ट्रिगर पॉइंट को कारण सिद्ध नहीं किया जा सकता।

नस के लक्षण

उँगलियों की झुनझुनी या हाथ की कमज़ोरी में संवेदना और ताक़त की जाँच चाहिए। संकेत हों तो गर्दन और नस के दूसरे हिस्से भी देखें।

वैल्गस तनाव

फेंकते समय दर्द, चटकना या अस्थिरता लिगामेंट की चोट की संभावना बढ़ाते हैं और पुनर्वास का निर्णय बदलते हैं।

§ 03

दर्द के फैलाव का अर्थ

दर्द के फैलाव से तय करें कि कहाँ जाँच करनी है। स्थानीय संवेदनशीलता या दबाने पर परिचित दर्द लौटना जाँच के संकेत हैं, दर्द के स्रोत के प्रमाणित नक्शे नहीं।

दर्द का फैलाव

फ्लेक्सर-प्रोनेटर क्षेत्र

पकड़ बनाने या हथेली नीचे घुमाने पर कोहनी के अंदर और उससे नीचे ऊपरी अग्रबाहु में दर्द हो सकता है। टेंडन के जुड़ाव और मांसपेशी के मांसल हिस्से, दोनों में दबाने पर दर्द मिल सकता है। किसी को दबाने से पूरी शिकायत का कारण तय नहीं होता।

कंधे और गर्दन का क्षेत्र

कंधा या गर्दन हिलाने से बाँह के लक्षण बदलें, या ऊपर की तरफ़ दर्द का इतिहास हो, तो इन क्षेत्रों की जाँच करें। केवल कोहनी में दर्द की जगह देखकर सबस्कैपुलैरिस से रेफ़र्ड पेन न मानें।

कोहनी का पिछला और अंदरूनी हिस्सा

कोहनी सीधी करने पर दर्द, चटककर खिसकना या अल्नार नर्व के क्षेत्र में झुनझुनी हो तो पीछे के हिस्से और नस की जाँच चाहिए। ट्राइसेप्स के मीडियल हिस्से का बताया गया दर्द-पैटर्न निदान का विशिष्ट संकेत नहीं है।
§ 04

क्लिनिकल जाँच और टेस्ट की सीमाएँ

ये क्लिनिकल जाँच के विवरण हैं; घर पर अधिकतम दर्द उभारने की चुनौती नहीं। दर्द की जगह, ताक़त और परिचित लक्षण लिखकर सभी नतीजों को साथ समझा जाता है।

परीक्षण · 01

प्रतिरोध के विरुद्ध कलाई मोड़ना

तरीक़ा →
अग्रबाहु को सहारा दें और हथेली ऊपर रखें। कोहनी की आरामदायक स्थिति में कलाई मोड़ने के विरुद्ध हल्का प्रतिरोध दिया जाता है। सहन हो तो डॉक्टर कोहनी कुछ अधिक सीधी करके तुलना कर सकते हैं। दर्द की जगह, परिचित लक्षण और ताक़त दर्ज की जाती है।
इसका अर्थ: →
अंदरूनी साझा जुड़ाव पर दर्द फ्लेक्सर-प्रोनेटर भार की भूमिका सुझाता है। अग्रबाहु दर्द या कमज़ोरी को संदर्भ में समझना चाहिए; इससे टेंडन और मांसपेशी अलग नहीं पहचाने जाते और फटाव खारिज नहीं होता।
परीक्षण · 02

प्रतिरोध के विरुद्ध हथेली नीचे घुमाना

तरीक़ा →
कोहनी मोड़कर सहारा रखें और हल्के प्रतिरोध के विरुद्ध हथेली नीचे घुमाएँ। अधिकतम ज़ोर से पकड़ न बनाएँ। दोनों तरफ़ की तुलना में देखें कि दर्द कोहनी पर है या अग्रबाहु में नीचे।
इसका अर्थ: →
इससे प्रोनेटर मांसपेशियों और साझा जुड़ाव पर भार पड़ता है; प्रोनेटर टेरेस अकेले नहीं परखा जाता। परिचित दर्द शुरुआती सहनीय भार चुनने में मदद कर सकता है, पर एक क्षतिग्रस्त मांसपेशी का प्रमाण नहीं है।
परीक्षण · 03

अल्नार नर्व की जाँच

तरीक़ा →
डॉक्टर अनामिका और छोटी उँगली की संवेदना, उँगलियाँ फैलाने की ताक़त और हाथ की शक्ति जाँचते हैं। वे कोहनी के अंदर की हड्डी के पीछे हल्का थपथपाकर भी देख सकते हैं। आप स्वयं नस पर न तो बार-बार थपथपाएँ, न ही दबाव दें।
इसका अर्थ: →
फैलती झुनझुनी नस की संवेदनशीलता सुझा सकती है। अकेली टिनेल प्रतिक्रिया नस की बीमारी को न तो पक्का करती है, न खारिज। बढ़ती कमज़ोरी की जल्द जाँच कराएँ।
परीक्षण · 04

मूविंग वैल्गस स्ट्रेस टेस्ट

तरीक़ा →
प्रशिक्षित डॉक्टर या फिजियोथेरेपिस्ट कोहनी को मोड़ने से सीधा करने की ओर ले जाते हुए नियंत्रित वैल्गस तनाव देते हैं और लक्षणों को फेंकने के इतिहास से मिलाते हैं। चोट के बाद यह परीक्षण स्वयं न दोहराएँ।
इसका अर्थ: →
लगभग 120–70 डिग्री मुड़ी हुई कोहनी के बीच अंदरूनी लिगामेंट के क्षेत्र में परिचित दर्द, अल्नार कोलैटरल लिगामेंट (UCL) की चोट की आशंका बढ़ाता है। इससे फटाव की गंभीरता तय नहीं होती और केवल इस टेस्ट से फेंकने की अनुमति नहीं मिलती।
परीक्षण · 05

हल्के स्पर्श और काम करने की शुरुआती क्षमता

तरीक़ा →
साझा जुड़ाव के पास हल्के दबाव की तुलना उससे नीचे मांसपेशियों के मांसल हिस्सों से की जाती है। अल्नार नर्व पर लगातार दबाव से बचें। समान स्थिति और वज़न के साथ पकड़ने या सामान उठाने का दोहराने योग्य काम दर्ज करें।
इसका अर्थ: →
दबाने पर दर्द कहाँ है, इससे जाँच व्यवस्थित होती है, पर अकेला कारण नहीं मिलता। हर संवेदनशील बिंदु ढूँढ़ते रहने से अधिक उपयोगी है समान काम सह पाने और ताक़त की दोबारा तुलना।
§ 05

उपचार और प्रगति की जाँच

चोट, नस और लिगामेंट की समस्याओं पर विचार करने के बाद सहनीय भार की योजना और कोई उपयोगी लक्ष्य तय करें, जैसे थैला उठाना या अपना काम पूरा करना। नीचे की प्रगति एक क्लिनिकल रूपरेखा है, परीक्षण में मान्य निश्चित मात्रा नहीं। मीडियल एल्बो व्यायाम पर शोध सीमित है; तुलना समूह के बिना एक्सेंट्रिक अभ्यास का अध्ययन यह साबित नहीं कर सकता कि वह अन्य भार वाले अभ्यासों से बेहतर है।

देखभाल की दिशा · 01

स्वयं देखभाल और भार में बदलाव

  • ज़ोरदार पकड़, बार-बार कलाई मोड़ना या हथेली नीचे घुमाना कुछ समय कम करें। औज़ार की पकड़ बदलें या लंबे काम को छोटे हिस्सों में बाँटें।
  • बाँह का हर इस्तेमाल बंद करने के बजाय कोहनी और कलाई की आरामदायक गति बनाए रखें।
  • सपोर्ट या ब्रेस आराम के लिए आज़माया जा सकता है; यह टेंडन की मरम्मत का उपचार नहीं है। झुनझुनी या कोहनी के पीछे दबाव हो तो उसे हटा दें।
  • हड्डी वाले जुड़ाव या अल्नार नर्व पर कड़ी मसाज न करें। थोड़ी देर राहत मिलने से निदान तय नहीं होता।
  • एक उपयोगी काम की क्षमता लिखें और काम तथा अभ्यास के बाद अगली सुबह की प्रतिक्रिया देखें।
देखभाल की दिशा · 02

जाँच के अनुसार सहायक उपचार

  • आराम या मापी गई गति की कमी के लिए मैनुअल उपचार आज़माया जा सकता है। उपयोगी काम करने में सुधार हो तभी उसे जारी रखें।
  • कोहनी के सुधार की शर्त के रूप में गहरा सबस्कैपुलैरिस रिलीज़ न सुझाएँ।
  • नर्व ग्लाइड टेंडन की नियमित देखभाल नहीं है। नस के लक्षणों की पहले जाँच चाहिए; चुनी गई कोई गति झुनझुनी या कमज़ोरी नहीं बढ़ानी चाहिए।
  • ड्राई नीडलिंग प्रशिक्षित डॉक्टर या फिजियोथेरेपिस्ट द्वारा दिया जाने वाला वैकल्पिक सहायक उपचार है, जिसके अपने जोखिम हैं। यह भार की योजना या नस की जाँच का विकल्प नहीं है।
  • सहायक उपचार के बाद वही काम फिर परखें। केवल दबाने पर दर्द घटने को ऊतक की मरम्मत का प्रमाण न मानें।
देखभाल की दिशा · 03

प्रक्रियाएँ और आगे की जाँच

  • फटाव, लिगामेंट की चोट या अनसुलझे निदान का उत्तर उपचार बदल सकता हो, तो अल्ट्रासाउंड या एमआरआई पर विचार होता है।
  • स्टेरॉइड इंजेक्शन पर सावधानी से चर्चा करें। कोहनी के अंदरूनी दर्द के एक रैंडमाइज़्ड अध्ययन में 3 महीने या 1 वर्ष पर स्टेरॉइड से सलाइन की तुलना में अधिक लाभ नहीं मिला।
  • उस इंजेक्शन अध्ययन से टेंडन की मरम्मत सिद्ध नहीं होती और बार-बार इंजेक्शन देने का समर्थन नहीं मिलता।
  • इन स्रोतों के आधार पर प्लेटलेट-रिच प्लाज़्मा, शॉकवेव या टेंडन की प्रक्रियाओं को सिद्ध अगला कदम न कहें। विशेषज्ञ से इस स्थिति के प्रमाण, लागत और जोखिम पर बात करें।
  • उचित रूप से समायोजित कार्यक्रम के बाद भी काम करने में परेशानी बनी रहे तो आक्रामक उपचार से पहले निदान की फिर जाँच कराएँ।
देखभाल की दिशा · 04

धीरे-धीरे क्षमता लौटाना

  • सहारा लेकर कम प्रतिरोध के साथ कलाई मोड़ना और हथेली नीचे घुमाना शुरू करें। सहनीय स्थिर ज़ोर या छोटी गति चुनें। आइसोमेट्रिक अभ्यास विकल्प है, दर्द घटने की गारंटी नहीं।
  • आरामदायक सीमा में नियंत्रित उठाने और नीचे लाने की क्षमता बढ़ाएँ। प्रतिरोध, दोहराव या सीमा में एक बार में एक बदलाव करें।
  • मौजूदा भार से उसी दिन बाद में या अगली सुबह लगातार भड़काव न हो तो पकड़ की सहनशक्ति और काम का समय बढ़ाएँ।
  • खेल के लिए कंधे और पूरी बाँह की मापी गई कमियों पर काम करें। फिर अधिकतम गति और ज़ोर से पहले फेंकने या स्विंग की मात्रा धीरे-धीरे लौटाएँ।
  • अगली सुबह बार-बार लक्षण बढ़ें तो पिछला भार परिवर्तन घटाएँ। ताक़त कम हो, नई झुनझुनी आए या सुधार रुक जाए तो ज़ोर लगाते रहने के बजाय दोबारा जाँच कराएँ।
§ 06

कब आगे की जाँच ज़रूरी है

नई चोट या नसों से जुड़ी क्षमता बिगड़ने पर दर्द बढ़ाने वाला अभ्यास रोकें। बुख़ार के साथ गर्म सूजे जोड़ में तत्काल उपचार चाहिए; लगातार अटकाव जैसे लक्षणों की भी जाँच आवश्यक है।

याद रखने वाली बातें
  1. लक्षणों का इतिहास, भार की प्रतिक्रिया, ताक़त और संवेदना साथ देखें। अकेला दबाव या प्रतिरोध का टेस्ट दर्द वाले ऊतक को अलग नहीं पहचानता।

  2. फ्लेक्सर-प्रोनेटर टेंडन और आसपास की मांसपेशियों के लक्षण साथ हो सकते हैं; इनके लिए अलग-अलग निष्क्रिय उपचार अनिवार्य नहीं हैं।

  3. लक्षण कंधे की भूमिका सुझाएँ तो उसकी जाँच उचित है। सबस्कैपुलैरिस का उपचार कोहनी के सुधार की शर्त नहीं है।

  4. झुनझुनी और हाथ की कमज़ोरी में जाँच की दिशा बदलती है। इन्हें अपने-आप नर्व ग्लाइड से नहीं सँभालना चाहिए।

  5. फेंकने में अस्थिरता या अचानक चटकने के बाद भार बढ़ाने से पहले लिगामेंट और चोट की जाँच कराएँ।

  6. समान पकड़ या काम की सहनशीलता और अगले दिन के लक्षणों से प्रगति आँकें। उद्धृत मीडियल एल्बो अध्ययन केवल एक्सेंट्रिक अभ्यास की श्रेष्ठता या निश्चित मात्रा स्थापित नहीं करता।

गति के विकल्प

मीडियल एपिकॉन्डिलैल्जिया में व्यायाम

चोट और नस की समस्याओं की जाँच के बाद इन उदाहरणों को अपनी क्षमता के अनुसार ढाला जा सकता है। सहनीय प्रतिरोध और सीमा से शुरू करें; आगे बढ़ने से पहले अगले दिन की प्रतिक्रिया देखें। रिवर्स टायलर ट्विस्ट को संयुक्त कार्यक्रम में, बिना तुलना समूह के परखा गया था। यह विकल्प है, अनिवार्य या श्रेष्ठ तरीका नहीं।

प्रोनेटर स्ट्रेंथनिंग

प्रोनेटर स्ट्रेंथनिंग

हल्के प्रतिरोध के विरुद्ध हथेली नीचे घुमाने से प्रोनेटर टेरेस और प्रोनेटर क्वाड्रेटस काम करते हैं। लक्ष्य है अग्रबाहु घुमाने वाले कामों में बेहतर नियंत्रण और सहनशीलता।

3 सेट × 15 रेप्स, प्रभावित तरफ़, रोज़ाना→ व्यायाम शुरू करें →
रिवर्स टायलर ट्विस्ट

रिवर्स टायलर ट्विस्ट

रिवर्स टायलर ट्विस्ट एक ऐसा एक्सेंट्रिक स्ट्रेंथनिंग व्यायाम है जो लचीली रबर रेज़िस्टेंस बार की मदद से कलाई के फ्लेक्सर और प्रोनेटर मांसपेशियों पर भार डालने के लिए डिज़ाइन किया गया है। मांसपेशी-कण्डरा इकाई को तनाव के तहत लंबा करने से कोलाजेन रीमॉडलिंग को बढ़ावा मिलता है और मीडियल एपिकॉन्डाइल पर होने वाले दर्द में कमी आ सकती है।

3 सेट × 15 बार, रोज़→ व्यायाम शुरू करें →
कलाई के फ्लेक्सर का हल्का स्ट्रेच

कलाई के फ्लेक्सर का हल्का स्ट्रेच

हथेली ऊपर रखते हुए कलाई धीरे पीछे मोड़ें ताकि अग्रबाहु के अंदर की मांसपेशियों में हल्का स्ट्रेच आए। उद्देश्य कलाई और अग्रबाहु की आरामदायक लचक है।

दोनों तरफ़ 3 बार, प्रत्येक 30 सेकंड रोकें; दिन में 2–3 बार।→ व्यायाम शुरू करें →