4-6 हफ़्ते के सेल्फ़-केयर के बावजूद साँस लेने में दिक़्क़त बनी रहे, तो श्वसन या मैनुअल थेरेपी में विशेषज्ञ फिजियोथेरेपिस्ट से सलाह लें। वे डायाफ्राम रिलीज़ तकनीकें, आंतरिक अंगों की मैनुअल थेरेपी (visceral manipulation) कर सकते हैं और पसली की गड़बड़ी या वक्षीय गति-सीमा (thoracic restriction) की जाँच कर सकते हैं, जो डायाफ्राम के ट्रिगर पॉइंट में योगदान दे रही हो। साँस लेने के पैटर्न की जाँच से उन ख़ास दोषपूर्ण पैटर्न (dysfunctional pattern) को पहचाना जा सकता है जिन पर काम करना ज़रूरी है।
- अवधि
- पहली जाँच: 45-60 मिनट
- आवृत्ति
- डॉक्टर/चिकित्सक के निर्देशानुसार, आम तौर पर 4-6 सेशन तक सप्ताह में एक बार
- क्या उम्मीद करें
- पेशेवर मार्गदर्शन से डायाफ्राम के सामान्य काम की बहाली और साँस लेने से जुड़े दर्द में राहत