एब्डक्टर हैल्यूसिस
स्थान। पैर का भीतरी आर्च
दर्द कहाँ महसूस होता है। एड़ी का भीतरी हिस्सा, भीतरी आर्च, पैर का अंगूठा
- एड़ी का भीतरी हिस्सा
- भीतरी आर्च
- पैर का अंगूठा
- पैर का भीतरी हिस्सा
एब्डक्टर हैल्यूसिस के शुरुआती सिरे पर मौजूद ट्रिगर पॉइंट से मेडियल कैल्केनियम (medial calcaneum) यानी एड़ी के भीतरी हिस्से में दर्द
स्थान। पैर का भीतरी आर्च
दर्द कहाँ महसूस होता है। एड़ी का भीतरी हिस्सा, भीतरी आर्च, पैर का अंगूठा
एड़ी के भीतरी हिस्से में दर्द. एब्डक्टर हैल्यूसिस के शुरुआती सिरे पर मौजूद ट्रिगर पॉइंट से मेडियल कैल्केनियम (medial calcaneum) यानी एड़ी के भीतरी हिस्से में दर्द
आर्च में दर्द. एब्डक्टर हैल्यूसिस मसल बेली की टॉट बैंड्स (taut bands) के कारण मध्य आर्च के साथ-साथ टीस वाला दर्द
अंगूठे में दर्द. दूरस्थ ट्रिगर पॉइंट के रेफरल पैटर्न से पहले मेटाटार्सोफैलेंजियल (metatarsophalangeal) जोड़ में दर्द
चलने पर दर्द. टो-ऑफ़ (toe-off) चरण में पैर के भीतरी हिस्से से धक्का देने के दौरान कमज़ोर हो चुकी एब्डक्टर हैल्यूसिस पर भार पड़ता है
ओवरप्रोनेशन (overpronation). मध्य आर्च (medial arch) का अत्यधिक धँसना एब्डक्टर हैल्यूसिस पर उसकी आर्च-सहारा देने वाली भूमिका में अधिक भार डालता है
चपटे पैर (flat feet). लगातार आर्च की कमी से पैर की भीतरी इंट्रिंसिक मसल्स को लगातार सिकुड़कर भरपाई करनी पड़ती है
दौड़ना. बार-बार पैर के अगले-भीतरी हिस्से से धक्का देने पर एब्डक्टर हैल्यूसिस के मसल फाइबर पर अधिक भार पड़ता है
लंबे समय तक खड़े रहना. मध्य आर्च को लगातार स्थिर रखने से एब्डक्टर हैल्यूसिस मसल बेली में इस्किमिया (ischemia) यानी रक्त-आपूर्ति की कमी हो जाती है
खराब फुटवियर. भीतरी सहारे की कमी से आर्च को स्थिर रखने का काम पैर की इंट्रिंसिक मसल्स पर आ जाता है
बैठ जाएँ और प्रभावित पैर को दूसरी जाँघ पर रखें। अपने अंगूठे से पैर के भीतरी किनारे पर एड़ी के भीतरी हिस्से से शुरू करके पैर के अगले हिस्से की ओर बढ़ते हुए मज़बूत और लगातार दबाव डालें। जब कोई कोमल जगह मिले, तो 20-30 सेकंड तक स्थिर दबाव बनाए रखें जब तक कोमलता कम न हो। पूरे भीतरी आर्च पर इसी तरह काम करें। आप टेनिस बॉल को बैठते समय भीतरी आर्च के नीचे रखकर हल्के से रोल भी कर सकते हैं।
नंगे पैर बैठें और पैर को फ़र्श पर सपाट रखें। बाक़ी उंगलियों को ज़्यादा हिलाए बिना, अपने अंगूठे को दूसरी उंगली से दूर फैलाने की कोशिश करें। फैली हुई स्थिति को 5 सेकंड तक रोकें, फिर आराम दें। अगर इस गति को अलग से करना मुश्किल हो, तो शुरू में अपनी उंगलियों से मदद लें, फिर अपने आप करें। आप अंगूठे और दूसरी उंगली के बीच एक छोटा तौलिया रोल भी रख सकते हैं और उसे दबाने व छोड़ने का अभ्यास कर सकते हैं।
पैर को फ़र्श पर सपाट रखकर बैठें। उंगलियाँ मोड़े बिना, पैर के अगले हिस्से को एड़ी की ओर खींचकर पैर को छोटा करने की कोशिश करें, जैसे आप आर्च को ऊँचा कर रहे हों। उंगलियाँ सपाट और शिथिल रहनी चाहिए। इस सिकुड़न को 5 सेकंड तक रोकें। बैठी हुई स्थिति से खड़ी, और फिर एक पैर पर खड़ी स्थिति तक बढ़ें। यह एक्सरसाइज़ सीधे एब्डक्टर हैल्यूसिस और पैर की अन्य इंट्रिंसिक मसल्स को सक्रिय करती है।
एथलेटिक या काइनेज़ियो टेप (kinesiology tape) का इस्तेमाल करके एड़ी के भीतरी हिस्से से मध्य आर्च के साथ-साथ अंगूठे की जड़ तक एक पट्टी लगाएँ। अतिरिक्त सहारे के लिए मिडफुट के चारों ओर फ़िगर-एट पैटर्न में एक दूसरी पट्टी लगाएँ। टेप सहारा देने वाला होना चाहिए लेकिन कसा हुआ नहीं। यह मध्य आर्च को बाहरी सहारा देता है, जिससे चलते समय एब्डक्टर हैल्यूसिस पर भार कम होता है। टेप ढीला होने पर ज़रूरत के अनुसार दोबारा लगाएँ।
मज़बूत मिडसोल और बिल्ट-इन मध्य आर्च सहारे वाले जूते चुनें ताकि एब्डक्टर हैल्यूसिस मसल पर काम का बोझ कम हो। चपटे जूते, बैले फ्लैट्स, और बिना सहारे वाले सैंडल से बचें। अगर बाज़ार में मिलने वाले आर्च सपोर्ट काफ़ी न हों, तो ऐसे सेमी-रिजिड ऑर्थोटिक इनसोल पर विचार करें जो मध्य लॉन्गिट्यूडिनल आर्च (medial longitudinal arch) को विशेष रूप से सहारा देते हों। रिकवरी अवधि के दौरान सख़्त फ़र्श पर नंगे पैर चलने से बचें। घिसे हुए एथलेटिक जूते समय-समय पर बदलते रहें।
अगर लगातार स्व-देखभाल के बावजूद एड़ी के भीतरी हिस्से और आर्च का दर्द 4-6 हफ्तों से ज़्यादा बना रहे, तो पोडियाट्रिस्ट (podiatrist) यानी पैर विशेषज्ञ से सलाह लें। वे पैर की बायोमैकेनिक्स की जाँच कर सकते हैं, टार्सल टनल सिंड्रोम (tarsal tunnel syndrome) की संभावना देख सकते हैं, और तय कर सकते हैं कि कस्टम ऑर्थोटिक्स की ज़रूरत है या नहीं। डायग्नोस्टिक अल्ट्रासाउंड से प्लांटर फेशिआइटिस, कैल्केनियल स्पर, और पैर की इंट्रिंसिक मसल ट्रिगर पॉइंट्स के बीच अंतर किया जा सकता है। उपचार विकल्पों में कस्टम-मोल्डेड ऑर्थोटिक्स, एब्डक्टर हैल्यूसिस की ड्राई नीडलिंग (dry needling), या न ठीक होने वाले मामलों के लिए शॉकवेव थेरेपी शामिल हैं।